📿 महा माघ मेला 2026 की तिथि और अवधि
Magh Mela 2026 Dates & Duration | प्रयागराज माघ मेला 2026
माघ मेला भारत का एक प्रमुख धार्मिक पर्व है, जिसे प्रयागराज के त्रिवेणी संगम (Ganga-Yamuna-Saraswati) पर हर साल हिंदू पंचांग के अनुसार मनाया जाता है। यह मेला पवित्र स्नान (Holy Dip), दान-पुण्य, कल्पवास और आध्यात्मिक साधना का महापर्व माना जाता है।
📅 माघ मेला 2026 – शुरुआत और समाप्ति
🌿 Start: 3 जनवरी 2026 – पौष पूर्णिमा (Paush Purnima)
🌊 End: 15 फरवरी 2026 – महाशिवरात्रि (Maha Shivratri)
माघ मेला लगभग 44 दिनों तक चलता है, जिसमें श्रद्धालु संगम तट पर स्नान, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
🪔 मेले की अवधि | Duration of Magh Mela
| आयोजन | तिथि (2026) |
|---|---|
| माघ मेला प्रारंभ | 3 जनवरी 2026 (Paush Purnima) |
| मकर संक्रांति स्नान | 14 जनवरी 2026 |
| मौनी अमावस्या स्नान | 18 जनवरी 2026 |
| वसंत पंचमी स्नान | 23 जनवरी 2026 |
| माघी पूर्णिमा स्नान | 1 फरवरी 2026 |
| महाशिवरात्रि स्नान / समापन | 15 फरवरी 2026 |
ये तिथियाँ उन दिनों को दिखाती हैं जब स्नान (स्नान पर्व) को विशेष पुण्यदायक और शुभ माना जाता है – खासकर मौनी अमावस्या, मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि।
🌊 माघ मेला का धार्मिक महत्व
माघ मास को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने में संगम तट पर स्नान करने से मनुष्य के पाप धुल जाते हैं और वह आत्मिक शुद्धि प्राप्त करता है।
विशेषकर मौनी अमावस्या को सबसे पवित्र स्नान दिवस माना जाता है, जब लाखों श्रद्धालु मौन व्रत रखकर संगम में डुबकी लगाते हैं।
🧘 कल्पवास का महत्व
माघ मेला के दौरान कई लोग कल्पवास करते हैं – यह एक धार्मिक परंपरा है जिसमें साधु-संन्यासी और साधक सभी माघ के लगभग पूरे समय तक संगम तट पर रहते हुए तप, ध्यान और संयम का पालन करते हैं।
कल्पवास का उद्देश्य है मन, आत्मा और शरीर की शुद्धि, और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना।
🙏 माघ मेला में क्या करें?
अगर आप माघ मेला में जाते हैं, तो इस दौरान ये कार्य विशेष पुण्य प्रदान करते हैं:
- संगम तट पर पवित्र स्नान
- दान-पुण्य करना (अन्न, वस्त्र, धन आदि)
- पूजा-अर्चना और हवन
- कल्पवास में भाग लेना (यदि समय हो)
स्नान और दान को पवित्र कर्म माना जाता है और इससे मन की शांति, आत्मिक शुद्धि और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
🌼 निष्कर्ष (Conclusion)
माघ मेला 2026 का आयोजन प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक है। यह धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक शुद्धि का महापर्व है और लाखों लोगों को आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है।
अगर आप इस पवित्र मेला के दौरान स्नान, कल्पवास, पूजा या दान-पुण्य जैसे धार्मिक अनुष्ठान करना चाहते हैं, तो AapkaPandit.com के अनुभवी पंडित जी आपकी पूरी विधि से सहायता कर सकते हैं — ताकि आप maximum spiritual blessings प्राप्त कर सकें।

